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भारत में समय से पहले मॉनसून की दस्तक की संभावना, IMD ने जारी किया मौसम पूर्वानुमान

Gulabi Jagat
14 May 2026 8:11 PM IST
भारत में समय से पहले मॉनसून की दस्तक की संभावना, IMD ने जारी किया मौसम पूर्वानुमान
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India: भारत में इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अपने निर्धारित समय से पहले दस्तक दे सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए मौसमीय परिस्थितियाँ अनुकूल बन रही हैं और यह 16 मई 2026 के आसपास दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में पहुंच सकता है। सामान्य तौर पर मॉनसून 20 मई के आसपास अंडमान सागर में प्रवेश करता है और 1 जून तक केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके पहले सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।

मौसम विभाग और स्काईमेट वेदर के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और मध्य भारत में अभी भीषण लू का असर जारी रहेगा। तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है, जिससे कई राज्यों में गर्मी और तेज हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है, हालांकि कहीं-कहीं हल्की बारिश और आंधी भी देखने को मिल सकती है।

उत्तर-पूर्व भारत में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 19 मई के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 15 से 18 मई के बीच भारी बारिश हो सकती है, जबकि असम और मेघालय में 15 से 19 मई तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

दक्षिण भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 14 से 17 मई के बीच बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 15 और 16 मई को भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है। केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में लगातार बारिश से मौसम ठंडा हो सकता है।

उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 15 और 16 मई को हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। इससे मौसम में हल्की ठंडक आ सकती है। वहीं दूसरी ओर, मैदानी इलाकों में लू और बारिश का मिश्रित असर देखने को मिलेगा।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्रों में 17 मई तक छिटपुट बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी अगले कुछ दिनों तक तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रह सकता है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 19 मई तक लगातार बारिश और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

IMD के अनुसार, यह बदलाव दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की शुरुआती प्रगति का संकेत है। 16 मई के आसपास अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव भारत के मौसम पैटर्न में एक महत्वपूर्ण चरण है, जिससे आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है।

वहीं 15 मई से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी असर दिखा सकता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में अचानक बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। इसके कारण तापमान में हल्की गिरावट भी संभव है, लेकिन लू का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा।

कुल मिलाकर, देश में एक ओर जहां समय से पहले मॉनसून के सक्रिय होने के संकेत हैं, वहीं दूसरी ओर गर्मी, लू, बारिश और आंधी का मिला-जुला मौसम अगले कई दिनों तक देखने को मिलेगा। यह स्थिति किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि शुरुआती बारिश कृषि गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है और साथ ही गर्मी से कुछ राहत भी प्रदान कर सकती है।

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